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Thursday, 27 February 2014

भोले बाबा- महाशिव



चँद्रमा से तू सुसज्जित
गंगोत्री भी है तुझमे फुलकित।

तेरी ग्रीवा है सर्प से सुशोभित
तू है अभय यह है निश्चित।

त्रिशूल डमरू किया तूने धारण
विष कंठित किया तूने सबका निवारण।

तुझमे है सब कुछ समाया
तू ही है सबका साया।

तू ही है विनाशकारी
तेरी है कृपा निराली।

न कोई तुझसा है दूजा
क्या देव क्या दानव
सब करें तेरी पूजा।।

बम बम भोले बाबा कि जय हो।





Saturday, 12 October 2013

वो है शक्ति



ममता की समझ कर मूरत
भूल कर बैठा वह मूरख। 
सोचा अभला  है तो जीत है ,
न जाना की वो शक्ति है। 
सामना हुआ ज्वाला से उसका 
भड़का घमंड से क्रोध उसका। 
युद्ध छिड़ा फिर घमासान 
माना शक्ति है वो, नहीं है समान। 
ममता का उसमे संसार भी 
शक्ति है वो अंगार भी। 

जय हो दुर्गा मैया की। 


नवरात्र की हार्दिक शुभकामनाएं।



Wednesday, 18 September 2013

विघ्नहारी गणपति


मूषक पर भ्रमण करने चला
मद-मस्त अपनी चाल में।
असुरों का संहार हो चला
पलक झपकते एक प्रहार में।।

उसका ब्रह्माण तो सिर्फ़ एक है
माता -पिता की छाया तले।
तीनों लोक का भ्रमण निष्कर्ष है
जो पाकर  भी कुछ न  मिले।।

है पूज्य जो सर्वप्रथम
होता है  जिसका सबसे पहले कथन।
उसके हृदय का द्वार  निष्पक्ष है
वह तो तेरे समक्ष है।


वह है गणपति गणेश गजनायक
विघ्नहारी विनाशकारक।।


गणपति बप्पा की जय हो।



Tuesday, 27 August 2013

राधा के गोपाल




ओ यशोदा के  नन्दलाल, 
अरे ओ गिरधर गोपाल। 
माना तेरी महिमा है न्यारी, 
जिसपे जाऊँ वारी, मैं हर बारी।। 
तेरी बाँसुरी खींचे मुझे तेरी ओर, 
मेरा खुद पे नहीं तनिक भी जोर।। 
पर मेरा भी स्वरुप सौन्दर्यमान है, 
क्यूँ तुझको खुद पे इतना अभिमान है? 
तू सताए हर पल मुझे, 
मैंने चाहा आज और कल भी तुझे।। 
न छोड़ी मैंने तेरी आस, 
नाम है तेरे मेरी हर साँस।। 
जग जाने तू राधा का है कन्हैया, 
नहीं है तू किसी और का सईंया।। 
बोले जग तू है राधा का गोपाल, 
अरे ओ यशोदा के नन्दलाल।। 


जय कन्हैया लाल की, गिरधर गोपाल की।


जन्माष्टमी की हार्दिक बधाईयाँ।। 

Sunday, 21 October 2012

Jai Maa Durga!



सौन्दर्य का दर्शन हुआ
हृदय उस पर अर्पण हुआ
एक ओर असुर शूरवीर था
दूजा चंचल मन विचलित गंभीर था
प्रस्ताव विवाह का प्रस्तुत किया
इंकार एक पल  न मंजूर किया
 छेड़ा युद्ध का प्रतिशोध
बाड़ों की वर्षा थी चारों ओर
नवरात्र  बीती इस मदभेड़  में
अंत था असुर का समीप में
विकट  रूप धारण शक्ति ने संहार किया
ग्रीवा अर्पण महिषासुर ने नतमस्तक किया
चामुण्डा भी काली भी तू
शेरावाली रखवाली भी तू


नवरात्र की शुभकामनाएँ  :)







Friday, 21 September 2012

Ganpati Bappa Morrya!!

 

 मैल  से उत्प्पन  हुआ
 मन से मैल मिटाए ,
रूकावटों की दीवारें तोड़े
और हृदय में बस जाये।
है लम्बा उदर उसका
गज जैसा उसका स्वरुप ,
व्यंग का विषय जो समझा
हुआ चंद्रमा का रूप कुरूप।
व्यर्थ है धरती का भ्रमण
जिसके मात-पित्र हैं जग स्वरुप,
इस विशालरूपी की शरण में
तुच्छ मूषक भी है बहुमूल्य।
यह है वही जिसे प्रिय हैं मोदक
जिसने तोड़ा घमंड कुबेर का
भूल की जो साधारण समझ,
जग का स्वामी, जग का सेवक।
विघ्नहर्ता विघ्नविनाशक
गणपति गणेश गजनायक।।

वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि सम्प्रभ:
निर्विघ्नं कुरुमेदेव सर्वकार्येशु सर्वदा।। 

गणपति बाप्पा मोरर्या, मंगल मूर्ति मोरर्या।।
  
Happy Ganesh Chaturthi!!

Friday, 10 August 2012

Happy Janmashtami!!!

                  

नन्दलाल गिरधर गोपाल
मटकी फोड़े करे गुरुर
जाने किस मद में थे चूर,
घिरकर गोपियों से
मन हुआ था विचलित जरुर,
फिर तो ऐसा बहाना था
जरुरी वहां पड़ा आना था
क्या था उन मटकियों में खास
कुछ भी नहीं था उसे ज्ञात
मनमोहित इतना स्वरुप था
दंड देना भी तो न कबूल था,
गोपियाँ फिर जिद्द पर आयीं
मुरली बजाकर जान बचाई
मनमोहित किया स्वरों से
ह्रदय हर लिया गोपियों से,
फिर कर्तव्य का वो दौर आया
तोड़े दिल ऐसा मोड़ आया ,
कदम भी आगे बढ़ाना था
पाप का विनाश जो आना था
धारण किया विशाल स्वरुप
था पाप का अंत कुरूप
धरती पर जब भी मुश्किल आई है
उसने अपनी लीला दिखाई है
तेरी जय हो पालन हार,
जय हो! जय हो! गिरधर गोपाल !

Happy Janmashtami!!!